गुरुवार, 1 जनवरी 2009

नव वर्ष

मन में उमंग लिए
सपने नवरंग लिए
आशा के दीप लिए
जीवन संगीत लिए
आया नववर्ष, चढ़
किरनो की पालकी

आओ प्रिये संग हो
नाचें मलंग हो
मन के मृदंग को
एक नया थाप दें
गाएँ उन्मत्त हो
एक नयी रागिनी
आया नव वर्ष, चढ़
किरनो की पालकी

बन्ध सारे खोल दें
चाहत को बोल दें
हाथों में हाथ ले
बढ़ चलें साथ में
गीत लिखें प्रेम के
मस्तक पर काल की
आया नव वर्ष, चढ़
किरनो की पालकी

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